क्या अघोरी अधजली लाशों को निकालकर उनका मांस खा जाते है ?
अघोरी बाबा का नाम सुनते ही ज्यादा तर लोग के मन में एक राख से लिपटे, इंसानी मांस खाने वाले, जादू टोना करने वाले साधुओ का रूप आ जाता है। वैसे तो अघोरी का संस्कृत भाषा में मतलब है उजाले की ओर लेकिन अघोरियों का रहन-सहन कुछ ऐसा है जो बिलकुल ही उलट नजर आता है। इनकी एक ऐसी रहस्यमयी दुनिया जिसे आम आदमी कभी जान ही नहीं पाता, ऐसे ही कुछ अनजाने पहलू आज हम आपको बताने वाले है।
यह बात सही है कि अघोरी इंसानों का कच्चा मांस खा जाते है अघोरियों के बहुत से इंटरव्यूज और उनपर बनाई गई डाक्यूमेंट्रीज में यह बात खुद स्वीकार की है कई अघोरियों ने तो यह बात खुद स्वीकार की है। ज्यादातर अघोरी श्मशान घाट में ही रहना पसंद करते है और बची हुई अधजली लाशों का मांस खाते है, अघोरियों का ऐसा मानना है की इससे उनकी तंत्र करने की शक्ति और ज्यादा बढ़ती जाती है।
हलाकि यह सब अघोरियों का मानना है। हम यहाँ पर किसी भी तरह के अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देना चाहते है।

